Ek Tha Doctor Ek Tha Sant Book by Arundhati Roy

Ek Tha Doctor Ek Tha Sant Book by Arundhati Roy

वर्तमान भारत में असमानता को समझने और उससे निपटने के लिए, अरुंधति रॉय ज़ोर दे कर कहती हैं कि हमें राजनीतिक विकास और एम.के. गांधी का प्रभाव, दोनों का ही परीक्षण करना होगा। सोचना होगा कि क्यों बी.आर. आंबेडकर द्वारा गांधी की लगभग दैवीय छवि को दी गई प्रबुद्ध चुनौती को भारत के कुलीन वर्ग द्वारा दबा दिया गया।

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वर्तमान भारत में असमानता को समझने और उससे निपटने के लिए, अरुंधति रॉय ज़ोर दे कर कहती हैं कि हमें राजनीतिक विकास और एम.के. गांधी का प्रभाव, दोनों का ही परीक्षण करना होगा। सोचना होगा कि क्यों बी.आर. आंबेडकर द्वारा गांधी की लगभग दैवीय छवि को दी गई प्रबुद्ध चुनौती को भारत के कुलीन वर्ग द्वारा दबा दिया गया। राय के विश्लेषण में, हम देखते हैं कि न्याय के लिए आंबेडकर की लड़ाई, जाति को सुदृढ़ करनेवाली नीतियों के पक्ष में, व्यवस्थित रूप से दरकिनार कर दी गई, जिसका परिणाम है वर्तमान भारतीय राष्ट्र जो आज ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र है, विश्वस्तर पर शक्तिशाली है, लेकिन आज भी जो जाति व्यवस्था में आकंठ डूबा है।

About the Author: अरुंधति रॉय ने वास्तुकला का अध्ययन किया। वह ‘द गॉड ऑफ़ स्माल थिंग्स’ जिसके लिए उन्हें 1997 का बुकर पुरस्कार प्राप्त हुआ और ‘द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस’ की लेखिका हैं। दुनिया-भर में इन दोनों उपन्यासों का चालीस से अधिक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। उन्होंने कई वैचारिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें ‘द अलजेब्रा ऑफ़ इनफाइनाइट जस्टिस’, ‘लिसनिंग टू ग्रासहॉपर्स’ और ‘ब्रोकन रिपब्लिक’ शामिल हैं। ‘माइ सीडीशियस हार्ट’ उनकी समग्र कथेतर रचनाओं का संकलन है। वह 2002 के लनन कल्चरल फ्रीडम पुरस्कार तथा 2015 के महात्मा जोतिबा फुले पुरस्कार की प्राप्तकर्ता हैं। दिल्ली में रहती हैं। अनिल यादव ‘जयहिन्द’ पेशे से चिकित्सक एवं अस्पताल प्रशासक हैं। भारत के मज़दूरों के लिए बनी ई.एस.आई. कॉरपोरेशन के अस्पतालों और योजनाओं के सुधार के लिए बनी भारत सरकार की समिति के सदस्य रहे। ‘नेताजी सुभाष का आह्वान’ पुस्तक के लेखक हैं। रतन लाल दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक तथा पीएचडी। तकरीबन दो दशक से शिक्षण और शोध-कार्य में संलग्न हैं। और कितने रोहित, काशी प्रसाद जायसवाल: दि मेकिंग ऑफ ए ‘नेशनलिस्ट’ हिस्टोरियन, काशी प्रसाद जायसवाल संचयन (तीन खंडों में), काशी प्रसाद जायसवाल (संस्मरण, श्रद्धांजलि, समालोचना) इनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं। सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय। हिन्दू कॉलेज, (दिल्ली वि.वि.) में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर हैं।


Product details

Paperback: 176 pages
Publisher: Rajkamal Prakashan (30 April 2019)
Language: Hindi
Package Dimensions: 20 x 13 x 1.5 cm